आपने फाड़ दी

सुना है के आपने फाड़ दी | एक मिसाल, बेमिसाल गाड़ दी | सब फ़कीरों की निकल पड़ी, ज़रा सी जो आपने जेब झाड दी | अब कोई नहीं होगा ग़म में, आपने ग़म की जड़ उखाड़ दी | कोई ना बचा पुरे मोहल्ले में अजब, आपने तो सारी लड़कियां ताड़ दी |  

नंगी रात में एक कहानी अकेली खड़ी थी

नंगी रात में एक कहानी अकेली खड़ी थी | एकदम नंगी | भीड़ के दिमाग सी नंगी | दरिंदो के सोच सी नंगी | गरीब के छत सी नंगी | बिना चश्मों की आँख सी नंगी | राजकारण सी नंगी | एकदम अकेली | मासूम गरीबी सी अकेली | सच्ची इंसानियत सी अकेली | भूक … Continue reading नंगी रात में एक कहानी अकेली खड़ी थी