कब रोका था

remember-me

बारिशों ने, तूफानों ने, कब रोका था |
मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था |

कारवां मोहब्बत का राह में छूट गया,
मुझे कोई मेरा अपना ही लूट गया |

आहों ने, बाहों ने, कब रोका था |
मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था |

एक बेगुनाह मुजरिम की तरह करता रहा,
मैं अपनी कारवाही,
पर ओ बेवफा, मुझे तेरी उल्फत राज़ ना आई |

आँसुंओं ने, न निगाहों, ने कब रोका था |
मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था |

कल रात पैमाने में तेरी तस्वीर को डुबो दिया,
मैंने ख़ुद ही तेरी आशिकी को डुबो दिया |

शराबों ने, पैमानों ने, कब रोका था |
मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था |

 

काश

book-of-love

काश मैं जूती होती,
तो आपके पैरों में होती |

काश मैं धड़कन होती,
तो आपके सीने में होती |

काश मैं लिपस्टिक होती,
तो आपके होठों पे सजता |

काश मैं घुंघरू होता,
तो आपके पैरों में बजता |

काश मैं साड़ी होता,
तो आपसे लिपट जाता |

काश मैं तकिया होता,
तो आपके सिमट जाता |

काश मैं काजल होता,
तो आपकी आँखों में रहता |

काश मैं दिल होता,
तो आपके हर ग़म सहता |

काश मैं याद होता,
तो बार-बार तस्सवूर में आता |

काश मैं होता आपका,
तो कभी छोड़कर ना जाता |

झूठा ख़ुदा

universe

झूठा ख़ुदा बने रहने में बुरा क्या है ?
ख़ुदा से जुदा बने रहने में बुरा क्या है ?

सारी दुनिया सजदे कर रही झूठी-मूठी,
थोड़ा बेहुदा बने रहने में बुरा क्या है ?

मिल रहे है हर एक को रोज़-रोज़ जलवे अजब,
थोड़ा गुमशुदा बने रहने में बुरा क्या है ?

वैसे भी लोग ढूंढ ही रहे है नालों में अमृत
प्रेमसुधा बने रहने में बुरा क्या है ?

जे रब्बा इश्क़ ना होए

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क्या मज़ा जीने में ओये ?
जे रब्बा इश्क़ ना होए |

कौन तैरे, कौन डुबोये ?
जे रब्बा इश्क़ ना होए |

ना कोई जागे सारी रात,
ना कोई दिन को सोये |
जे रब्बा इश्क़ ना होए |

कैसे दिल में आग लगे ?
कैसे मीठे तीर चुभोए ?
जे रब्बा इश्क़ ना होए |

क्या कोई सपने पिरोये ?
जे रब्बा इश्क़ ना होए |

जन्मदिन मुबारक हो

birthday

जन्मदिन मुबारक हो मेरे मीत |
तुमने दिल सबका लिया जीत |

तु ही मन में, तु ही तन में,
तु ही प्यार, तु ही प्रीत |

तुझसे है सब रंग जहान के,
तु ही संसार की मीठी रीत |

सिर्फ एक मैं ही नहीं अजब,
तेरी अदा भी जग से विपरीत |

 

ये उस वक़्त की बात है

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ये उस वक़्त की बात है जब इश्क सच्चा हुआ करता था |
ये उस वक़्त की बात है जब इश्क हुआ करता था |

उसको देखते ही मौसम रंगीन,
और सेक्शन गरम हो जाता था |
उस से बस एक गुफ्तगू की,
बस एक गुफ्तगू की दुआ करता था |

आज फेसबुक पे अनफ्रेंड होने से भी तकलीफ़ नहीं होती,
पहले उसका,
एक बार मूह फेर के बोलना भी छुआ करता था |

अब चैटिंग से थकक-हार कर रातों को ही जागता हूँ,
क्या बात थी,
पहले तो सुबह का रंग गेरुआ हुआ करता था |

मेरे हिस्से का ये नया ख़ुदा तो मेरी सुनता ही नहीं है,
कभी कागज़ पर लिखा हुआ सपना पूरा हुआ करता था |
ये उस वक़्त की बात है जब इश्क सच्चा हुआ करता था |
ये उस वक़्त की बात है जब इश्क हुआ करता था |

ज़िंदगी चल रही है

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दिल खुश है, कोई कुमी नहीं खाल रही है |
सब थोड़ा है, मगर ज़िंदगी चल रही है |

दोस्त ने बड़ी गाडी ली है, वाह !
मेहेंगी है, दिखती भी है, तेज़ भी है |
मेरी गाड़ी छोटी है या कभी तो होती भी नहीं,
पर पार्टी में हम दोनों एक ही टाइम पे पहुँचते है |
गाड़ी छोटी है, मगर ज़िंदगी चल रही है,
कभी पब्लिक ट्रांपोर्ट लेता हूँ, मगर ज़िंदगी चल रही है |

ऑफिस में काफी लोगों ने आयी-फ़ोन रखा है |
मुझे कम-स्मार्ट बोलते है, स्मार्ट लोग है, वाह !
मेरे पास अच्छास्मार्ट फ़ोन नहीं है, ना ही मैं स्मार्ट हुँ,
नंबर कम सेव होते है पर याद रहते है,
फ़ोन स्मार्ट नहीं है, मगर ज़िंदगी चल रही है |

अंकल जी ने 5-BHK लिया है,
कहते है “बड़े आदमी का बड़ा घर होना चाहिए” |
पॉश सोसाइटी है, वाह !
पार्किंग के पांच लाख देतें है, हमेशा टेंशन मैं रहते है,
घर अब मकान बन गया है अंकल जी का,
मेरा तो पूरा घर ही उनके ड्राइंग रूम जितना है |
मगर घर है |
घर छोटा है, मगर ज़िंदगी चल रही है |

आंटी जी बोलती है “मेरे पास तीन नौकर है” |
क्या ठाट है जी उनकी, वाह !
मैं तो जी उनके तीनों को इंसान ही मानता हुँ,
मेरे यहाँ तो  दीदी आती है, मगर ज़िंदगी चल रही है |

पडोसी बार-बार फॉरेन की चीज़ें दे जाता है,
बड़ी ज़बरदस्ती की मोहबत दिखता है, वाह !
“बिग पीपल टूर अब्रॉड” कहता है,
मैं भारत में ही घूमता हुँ, मगर ज़िंदगी चल रही है |

दोस्त की बड़ी बेटी फर-फर इंग्लिश बोलती है,
“अंकल यू आर नॉट कूल, हिंदी इस आउट” बोलती है |
वो कहती है की व्यवसाय के लिए इंग्लिश ही चलती है |
हिंदी नॉट कूल, वाह !
मैं तो हिंदी ही बोलता हुँ, मगर ज़िंदगी चल रही है |

गाड़ी छोटी, घडी सस्ती, फ़ोन कम-स्मार्ट, घर छोटा,
ना किंडल, ना ज़ारा के कपड़े, ना ये ना वो,
पर दिल बड़ा है, वही करता हुँ जो दिल कहता है,
“बी योरसेल्फ” यही बात मेरे साथ चल रही है |
सब थोड़ा है, मगर ज़िंदगी चल रही है |