मुझे याद है जो कभी हुआ नहीं

ए मेरे दिलरुबा, ए मेरी हमनशीं,
मुझे याद है जो कभी हुआ नहीं |

इसमें मेरी कोई खता नहीं,
कभी मंज़िल नहीं मिली, कभी राह नहीं |

पत्थर बना दिया उसने प्यार में,
ना वाह निकली, ना निकली आह कभी |

मेरे साथ हुआ यह हादसा,
हुए सब पराये जो थे आशना कभी |

तुने सब गिरा दिए मीनार यादों के,
मुझे कभी प्रेम से तुने छुआ ही नहीं |
मुझे याद है जो कभी हुआ नहीं |

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