कौन है जो मोहब्बत बांट रहा है ?
पता तो करो ।
कौन है जो ग़म बांट रहा है?
पता तो करो ?
सब को गले लगा रहा है, प्रेम की बोली बोल रहा है ।
मन निर्मल है, होटों पर सच है ।
इतना घातक प्राणी इस जहान में, हाय रब्बा !
कौन है वह अजब?
पता तो करो
कौन है जो मोहब्बत बांट रहा है ?
पता तो करो ।
कौन है जो ग़म बांट रहा है?
पता तो करो ?
सब को गले लगा रहा है, प्रेम की बोली बोल रहा है ।
मन निर्मल है, होटों पर सच है ।
इतना घातक प्राणी इस जहान में, हाय रब्बा !
कौन है वह अजब?
पता तो करो