वक़्त गुज़रता है, पैर भी फिसलता है ।ज़िंदगी में यार, सब कुछ कहाँ मिलता है ।और आगर सब कुछ मिल भी जाए तो,किसने दिया, कितना दिया, कहाँ पता चलता है ।
Category: आज़ाद शेर
मन घूमा
उसने चूमा,उसने भी चूमा ।जिसने नहीं चूमा,उसी में मन घूमा ।
मेरे जाने का वक़्त
चलो, मेरे जाने का वक़्त हो गया,क्योंकि यार, तू कमबख़्त हो गया ।पहले तेरा दिल था मोम गोया,अब पत्थर सा सख्त हो गया ।
रब कौन है ?
वेद, कुरान पढ़ कर थक गया ।सजदा करके घीस गया माथा ।रब कौन है ? कहां है ?वही बता सकता है जिसको वह मिल जाता ।
क़ल्ब
इंतेज़ार-ए-सबा रहा बरसों ।क़ल्ब ग़म में दबा रहा बरसों ।
शराब और बरसात
शराब और बरसात का साथ सुहाना है ।आख़िर याराना भी तो निभाना है ।
यह मेरा जीवन
यह मेरा जीवन मेरे अंजाम का क़िस्सा है ।बहुत कुछ उनदेखा मेरे ईमान का हिस्सा है ।
ज़िंदगी
ज़िंदगी कुछ ख़राब सी कर ली है |सीरत जैसे शराब सी कर ली है |
ख़राबों में ख़ज़ाने
लोगों को ढूँढने में ज़माने लगते है |कभी-कभी ख़राबों में ख़ज़ाने मिलते है |
तंग आ चुका हूं
तंग आ चुका हूं मैं मसलों से ।खून से सीची इन फसलों से ।
कुछ ज़खम नए है
कुछ ज़खम नए है, चलो सनमकदे में चलें |गर वहाँ भी ना सुकून मिले तो मयकदे चलें |
रूह
तू वृक्ष ज्ञान का, प्रकांड तेरा प्रेम, बातें तेरी आयतें क़ुरान की ।यह जग तेरे रूप की आधी मिसाल, है तेरी रूह ब्रह्माण्ड की ।
मुझे वह सब याद है
मुझे कभी ख़ुलूस से तुने छुआ ही नहीं ।मुझे वह सब याद है जो कभी हुआ ही नहीं ।
ख़्वाब में पीता हूं
आजकल हिसाब से पीता हूं ।सच में नहीं, ख़्वाब में पीता हूं ।
मैकदे
बन गया है फसाद मज़हब का हत्यारा,और हो मैकदे देश में, यही है चारा |
तो क्या मरे ?
बेमौत ना मरे, तो क्या मरे ?मौत आकर भी ना मरे, तो क्या मरे ?मेरी बात मान लो, भले लगे अजब,पीकर ना मरे, तो क्या मरे ?
दिल
है कशिश इतनी तेरी आंखों में ।लोग ले-ले ते है अपना हाथों में ।...दिल !
हॉस्पिटल
बेखून जैसे चेहरे पड़े है | यहाँ मौत के पहरे पड़े है |यह हॉस्पिटल है मेरे यार, इधर घाव गहरे पड़े है |
नए दोस्त
ए मेरे नए दोस्त मुझे जाने दे ।पहले माज़ी के ज़ख्म भर जाने दे ।
सियाही
सियाही का कमाल देखिए...बोतल में रहे तो औज़ार ।कागज़ पर उतरे तो इज़हार ।चेहरे पर पड़े तो तिरस्कार ।उंगली पर लगे तो सरकार ।
इश्क़ और दर्द
इश्क़ और दर्द से रिश्ता कभी छूटा नहीं ।खाख़ है वह दिल, जो दिल कभी टूटा नहीं ।
दादर स्टेशन
जब धड़कने रुक जाए,होश उड जाए,पसीने छुट जाए,शरीर कांप जाए,खून सूख जाए,चैन खो जाए,इज्ज़त का कचरा हो जाए,आँख से समुंदर आ जाए,रग-रग में करंट दौड़ जाये,खून खौल जाए,भूखे भेडिये नज़र आएं,क़त्ल करने का मन बन जाए,कोई उम्मीद नज़र ना आये,इंसानियत से भरोसा उठ जाए,तब समझ जाना,दादर स्टेशन आ गया |
चूस लिया
पूरा चूस लिया उसने मेरा,जिसका नाम ज़िंदगी है ।
चांद-सितारों से लंबी
चांद-सितारों से लंबी दूरी है तुझसे ।मेरे दिल की कोई मजबूरी है तुझ्से ।
मुझे दोस्त चाहिए
मुझे दोस्त चाहिए, उनका हाथ चाहिए ।मुझे सहारा नहीं, दोस्तों का साथ चाहिए ।
वक़्त बदल दिया तूने
वक़्त बदल दिया तूने मेरा पर क़िस्मत नहीं बदल सकेगी ।फल मिले ना मिले मुझे पर मेहनत नहीं बदल सकेगी ।
किसको पता
किसको पता कौन आयेगा,किसको पता कौन जायेगा ।ज़माना भले ही भूल जाए मुझे,मुझे ज़माना बहुत याद आयेगा ।
हेलो-हेलो बोलकर
हेलो-हेलो बोलकर,मेरी मारी खोल-खोल कर ।
रोते हुए आतें हैं सब
रोते हुए आतें हैं सब, हस्ता हुआ जो जाएगा ।वह चूतिया था, चूतिया है, चूतिया ही कहलायेगा ।
पहले शेर पढ़ता हूं
पहले शेर पढ़ता हूं, मेरा फ़न देख लो ।इसी बहाने फ़नकार का मन देख लो ।अच्छी ना लगे तो मार देना मेरे हर्फ़ों को,कमसेकम फ़नकार की लगन देख लो ।
ट्रिपल एक्स
छोटी उम्र में लगा ट्रिपल एक्स का चस्का ।हाय रे ! लगा मुझको सेक्स का चस्का ।
क्यों खड़ा रहा ?
क्यों खड़ा रहा,मैं उसके इंतज़ार में ?झाड़ दिया मैंने,नखरा उसके प्यार में |
उसकी याद में
उसकी याद में,इश्क़ की फ़िराक में,उसकी बात पर,उसकी हर बात पर,अपने हालत पर,दर्द-ए-हाल पर,जिस्म-ए-कंगाल पर,मैं उसे पकड़ कर खुब रोया ।
प्यास भी बुझ जायेगी
प्यास भी बुझ जायेगी,शौक़ से पानी पिलाओ तो सही ।खाना जल जाएगा तेज़ आंच पर,कढ़ाई में करछी डाल के हिलाओ तो सही ।
बिस्तर के पैंतरे
बिस्तर के पैंतरे तो आते नहीं ।सियासत के पैंतरे क्या ख़ाख करोगे ।बर्फ़ के जैसा है ठंडा जोश तुम्हारा,आग लगाने के पैंतरे क्या ख़ाक करोगे ।
फ़राख़ दिल
बड़ा ही फ़राख़ दिल है यार मेरा,उसने सारी नफ़रत मुझ पर लूटा दी ।
नशा
मोहब्बत भले ही अधूरी हो,मज़ा मुक्कमल होना चाहिए ।इबादत भले ही अधूरी हो,नशा मुक्कमल होना चाहिए ।
धंधा ना रहा
आँखें थी पर अंधा ही रहा ।और जब खुली तो धंधा ना रहा ।
बेलीबास
हर एक के सामने बेलीबास हुआ उल्फत में ।और उनके लिबास हैं के ख़त्म ही नहीं होते ।
बारिश
झूठों की तो खुद ख़ुदा भी सिफ़ारिश कर देता है ।जब किसी सच्चे का दिल टूटता है तो सिर्फ़ बारिश कर देता है ।
ज़िंदगी का फ़लसफ़ा
रोज़ रात को उठ-उठ कर,सिगरेट के धुएं के छल्लों से पूछता हूं,कि ज़िंदगी का फ़लसफ़ा क्या है ?
चेहरा तेरा
चेहरा तेरा जैसा फूल गुलाब फ़ज्र का ।आजा दोनो प्यार करें, मत साथ दे तू डर का ।
ग़म ग़लत
ग़म ग़लत करने के लिए पीता हूं ।सही करने के लिए कुछ मिलता नहीं ।
ज़िंदा यादें
ज़िंदा यादें सोने नहीं देती ।मुर्दा यादें जागने नहीं देती ।पैरों में बेड़ियां पड़ी है ।ज़िंदगी भागने नहीं देती ।
नीयत
जैसी नीयत थी, मिटी सिर्फ़ अज़ाब से ।जो प्यास थी, मिटी सिर्फ़ शराब से ।
रब
रब भीतर है ।सब भीतर है ।
तुमने मुझे याद किया ?
तुमने मुझे याद किया ? यह कहीं कोई मज़ाक तो नहीं ?लगता तो है कि मैं ज़िंदा हूं ? देखो हुआ ख़ाख तो नहीं ?
सरकार से दरख़्वास्त
चलो, सरकार से दरख़्वास्त की जाए ।जो ना पीते हों उनको सज़ा दी जाए ।
आलू
भिंडी मज़ा ना देगी, बैंगन मज़ा ना देगा ।तेरे बैगर आलू भोजन मज़ा ना देगा ।
उदास लोग
उदास लोगों से डर लगता है ।उनके साथ ग़म घर लगता है ।
बदनाम
मुफ़्त में हुआ मैं बदनाम ।ना अल्लाह मिला, ना राम ।
दो रकातें
दो रकातें नमाज़ की छूट गयी मुझसे ।अब ख़ुदा ख़ुलूस से मेरे पीछे पड़ा है ।
दिल मुफ़्त था
दिल मुफ़्त था जवानी में ।बड़ा लुत्फ़ था जवानी में ।
घृणा में प्रेम
अगर घृणा में प्रेम मिले तो क्या किया जाए ?अगर घृणा में प्रेम मिले तो प्रेम किया जाए ।
इस्तकबाल है आपका
इस्तकबाल है आपका मेरी ज़िंदगी में, कबसे थी ललक ।कुछ और ज़र्फ़ हो गयी ज़िंदगी, देखकर आपकी झलक ।
इश्क़
इश्क़ में इश्क़ से कोई नहीं मरता है ।इश्क़ तो सिर्फ़ इश्क से इश्क़ करता है ।
बाप रे बाप !
तू से तुम, तुम से आप ।क्या कर रहे हो बाप ?शब्द तुम्हारे डसते है मुझे,तुम इंसान हो या साँप ?कुत्ते को घी हजम नहीं होता ।इतनी इज़्ज़त !बाप रे बाप !
तदबीर उल्टी पड़ गयी
तदबीर उल्टी पड़ गयी, जब तकदीर कम पड़ गयी ।ताबीर इतनी ज़्यादा हुई, जब तहरीर कम पड़ गयी ।
मैं तो रिंद हूं
मुझे क्या लेना भगवानों से ?मुझे क्या लेना अल्लाहवालों से ?मैं तो रिंद हूं ।मेरा लेना-देना पैमानों से ।
मुझे रात पसंद है
मुझे रात पसंद है, वीराने पसंद है ।मुझे इश्क़ पसंद है, दीवाने पसंद है ।
प्रेम गेम
भक्ति से बड़ी शक्ति है प्रेम ।सोच समझ कर खेलना यह गेम ।
एक आता, एक जाता
जब तक शराब अंदर नहीं जाती,कुछ बाहर नहीं आता ।जीवन का यही नियम है,एक आता, एक जाता ।
मुझे शांति से जीने दो
क्यों करूं मैं वह काम जिस से शर्मिंदा हूं ?मुझे शांति से जीने दो, अभी मैं ज़िंदा हूं ।
इंसान बड़ा या इंसाफ़
दुनिया के आगे सवाल खड़ा ।इंसान बड़ा या इंसाफ़ बड़ा ?
तिरंगा
सब जगह बिक रहा है तिरंगा ।इस बार महेंगा बिक रहा है तिरंगा ।छोटी-छोटी लकोरें, छोटे-छोटे हाथों में,छोटे-छोटे हाथों में बिक रहा है तिरंगा ।
यारों ने
यारों ने मेरे जीवन में रंग भर दिया ।यारों ने मेरे जीवन का ढंग बदल दिया ।
रंग-बिरंगी दुनिया
रंग-बिरंगी दुनिया में रंगीनी है यारी ।ज़िंदगी के सफ़र में साथ दोस्त की सवारी ।
एक आलिम ने
एक आलिम ने मुझे उड़ना सिखाया ।एक ज़ालिम ने मेरे पर कुतर दिए ।
रंगीन लोग
गिरगिट से भी ज़्यादा लोग रंगीन है ।
ख़ला
हम दोनों के बीच एक ख़ला है ।शायद यही हमारे लिए भला है ।
झूठ का जाल
इतनी मेहनत से झूठ का जाल बुना था ।इसलिए उसका अंजाम भी दो गुना था ।
असर उसको
असर उसको ज़रा नहीं होता ।वह कभी पशेमान नहीं होता ।
बड़े ही तपाक से
बड़े ही तपाक से लोग उनसे मिलते है ।शायद उनकी बातों में मसीहा बस्ता है ।
घाव
घाव था, घाव दिया ।प्रेम था, प्रेम दिया ।जिसके पास जो था,उसने दुसरे को वह दिया ।
जब उनकी याद
जब उनकी याद नहीं होती कम,यास-ए-लहू में नहा लेते हैं हम ।
मैं शायर हूं ।
मैं शायर हूं ।मैं ज़िंदगी साहिराना चाहता हूं |मैं शायर हूं ।मौत भी भी शायरना चाहता हूं ।
क्षण-भंगुर
क्षण-भंगुर हैं जीवन ।क्षण-भंगुर हैं नोट ।कुछ आएंगे, कुछ जाएंगे ।कायम रहेगा वोट ।
हिसाब तो दे
कब तक चुप रहेगा, जवाब तो दे ।कितना अब तक लूटा हूं, हिसाब तो दे ।
जलवा
ना जाने उसमे क्या जलवा दिखा दिया ?अनवर को भी पीना सीखा दिया ।
कबसे ढूंढ रहा हूं
कबसे ढूंढ रहा हूं, उसका मकान ना मिला ।मैं वह मुकीम हूं जिसको मकाम ना मिला ।
मुझे सब ख़बर है
मुझे सब ख़बर है, नसीहत ना दीजिए ।मेरे ज़ाहिर को छोड़ो, अपना बातिन देखिए ।
उम्र यूंही निकलती है
मुट्ठी से जैसे रेत फिसलती है ।उम्र यूंही निकलती है ।
अपनी कसम
उसने अपनी कसम देकर छुडवादी ।यारों ने उसकी कसम देकर पिलादी ।
तुम्हे समय नहीं
तुम्हे समय नहीं और मेरा समय नहीं ।किसने कहा अपने बीच प्रणय नहीं ?
अल्लाह-अल्लाह कर
अल्लाह-अल्लाह कर, हरि-हरि बोल ।झूठ-झूठ नहीं, खरी-खरी बोल ।
खोदा चूहा, निकला पहाड़ ।
खोदा चूहा, निकला पहाड़ ।बील्ली ने निकली शेर की दहाड़ |
हुस्न वाले
भूलकर वफाओं के वादे भुला देते हैं ।हुस्न वाले कुछ ऐसी आदत बना लेते हैं ।
किसीके हिस्से
नसीब में जिसके जो लिखा था उसके वह काम आया ।किसीके हिस्से प्यार आया, किसीके हिस्से जाम आया ।
रात सारी रात
रात सारी रात कर्राती रही ।कोई कहानी दोहराती रही ।
ज़िंदगी ही तो है
ज़िंदगी ही तो है, जीकर देखो ।जाम ही तो है, पीकर देखो ।
पता नहीं !
नदी कहां से निकलती है और कहना जाती है ?पता नहीं ! कहीं से तो निकलती है और कहीं तो जाती है ।प्रेम कहां से निकलता है और कहां जाता है ?पता नहीं ! कहीं से तो निकलता है और कहीं तो जाता है ।
हम बंजारे हैं
हमें कोई सियासत वालों की ज़रूरत नहीं ।हम बंजारे हैं, भटकने का हुनूर ख़ूब जानते हैं ।
दिल लगाकर
मैंने भी दिल लगाकर देख लिया ।जो ना देखना था वह सब देख लिया ।
आइना
वैसे तो मैं ख़ुद से आशना हूं,पर रोज़ आइना देखता हूं ।
वस्ल की रात
उम्र भर वस्ल की रात का इंतज़ार रहा ।वह नहीं आया, ज़िंदगी भर दिल बेक़रार रहा ।
ना मस्ज़िद बने, ना मंदिर बने
ना मस्ज़िद बने, ना मंदिर बने ।बस अपना मन सुंदर बने ।
बाप
ज़ोर की हवा ने आपका आंचल उड़ा दिया ।उसको पकड़ने के चक्कर में मैंने,गाड़ी का एक्सीलेटर बड़ा दिया ।आपका क्या ? आप तो चल पड़े आंचल लेकर ।जाते-जाते अपने बाप से पेंच लड़ा दिया ।
सोशल मीडिया
सोशल मीडिया के चक्कर में ढीले हो गए ।यहां हम इंतज़ार करते रहे,वहां उनके हाथ पीले हो गए ।
साइकिल
यूं तो साइकिल पर भी घुमाया है ।जलने वाले जलते रहे ।उसने सिर्फ़ मुझे एक पप्पी दी ।देखने वाले हाथ मलते रहे ।
तुझे भी चाहिए, मुझे भी चाहिए
तुझे भी तो लंड बड़ा चाहिए ।मुझे भी बोसा नहीं भोसड़ा चाहिए ।