रूह

तू वृक्ष ज्ञान का, प्रकांड तेरा प्रेम, बातें तेरी आयतें क़ुरान की ।
यह जग तेरे रूप की आधी मिसाल, है तेरी रूह ब्रह्माण्ड की ।

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