मरने से पहले तू मर ना ।
किसी से भी तू डर ना ।
नारी तू है भारी,
तू सर्वशक्तिशाली ।
तू महाकाली ।
तू प्रेम, इश्क़, है प्यार तू ।
पापी का करती संहार तू ।
तू बीज, है विस्तार तू ।
इस भ्रमाण्ड का श्रृंगार तू ।
आँख कटीली, बाल लंबे,
तू गैरी, दुर्गा, स्कंद और अंबे ।
वह शिव है तो तू है शक्ति ।
सब करते तेरी भक्ति ।
तू अजर, अमर है, है भेंट तू ।
तू भजन, ग़ज़ल, है गीत तू ।
तू सात सुर और संगीत तू ।
इस बंजर धरती पर तू झरना ।
मरने से पहले तू मर ना ।
किसी से भी तू डर ना ।