मुझे किसने मारा

वैसे तो मेरी लियाक़त नहीं ।
पर पेश यह क़ता है ।
यूं तो लिखने का शौक़ है मुझे,
पर इसमें मेरी क्या ख़ता है ?
वैसे तो खुली किताब है मेरी ज़िंदगी,
पर मुझे किसने मारा यह सिर्फ़ मुझे पता है ।

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