कोई मज़हब बेच रहा है

कोई मज़हब बेच रहा है, कोई इमान । 
मेरा कौन ख़रीदेगा सामान ?
मैं बेच रहा हूं तहय्युर-ए-इश्क़ ।
बोलो, क्या लगाओगे इसका दाम ?

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