Y-सिंड्रोम

मोहित का दिमाग भी उसकी वासना जैसा ही गरम और अस्थिर था | यह डूड तो कभी एक जगह पर टिकता ही नहीं था | कभी इस डाल तो कभी उस डाल, कभी इधर डाल तो कभी उधर डाल | क्या ? अपनी नाक | आप क्या समझ बैठे ? लेकिन दिमाग में — इस … Continue reading Y-सिंड्रोम

वह कौन थे ?

मेरठ से आई रेलगाडी पांच घंटे लेट थी | दिमाग और मौसम वैसे ही ख़राब था उस पर कोयल की फूटी किस्मत — मुंबई बंद | यहाँ नयी जॉब से दिल में ठंडक आई थी और पता नहीं क्या हुआ, पुरा शहर जल रहा था | जैसे शमशान में मुर्दे जलते है ना, एकदम वैसे … Continue reading वह कौन थे ?