Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

नहीं कर सकते

हम जानते है पर हम वह काम नहीं कर सकते |
अब यह हाथ किसी और के लिए नहीं बड़ सकते |

हमे खबर है के एक साथ या सहारा चाहिए,
पर यह होंठ अब फ़िर से वही बात नहीं कर सकते |

उनकी यादों की सौगात है हमारे पास,
पर उन्हें हम जला नहीं सकते |

राह-ए-मंज़िल तो सीधी है शायद,
पर हम अब वह राह पर नहीं चल सकते |

जब हक़ में नहीं तो क्यों लगाएं दिल ?
हम इस बार फ़िर इत्तेफ़ाक़ नहीं रख सकते |

हमे तो मिली है मात मोहब्बत में, यार अजब,
अब किसी और पर ऐतबार नहीं कर सकते |

Exit mobile version