मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
मैं घायल, मैं बेलगाम हूँ |
ऐसा भी नहीं के बेज़ुबान हूँ |
मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
ना मैं काबा, ना कब्रिस्तान हूँ |
ना दरिया, ना रेगिस्तान हूँ |
मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
मैं ना हिंदू, ना मुसल्मान हूँ |
ना पाक-ए-स्तान, ना हिंद-उस-तान हूँ |
मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
मैं तो अजब हूँ, आदमी आम हूँ
मैं तो सिर्फ़ दो पल का मेहमान हूँ |
मैं पशेमान हूँ, मैं इंसान हूँ |
