Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

खोल कर रख दिया

खोल कर रख दिया है मैंने तुम्हारे सामने,
अपने दुःख का पिटारा ।
क्या दे सकोगी मुझको ?
फ़िर से वह प्यार दोबारा ?

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