Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

इस्तकबाल है आपका

इस्तकबाल है आपका मेरी ज़िंदगी में, कबसे थी ललक ।
कुछ और ज़र्फ़ हो गयी ज़िंदगी, देखकर आपकी झलक ।

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