Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

सिर्फ़ तू ही मेरा यार है

सब ठीक हो, मुकम्मल हो,
ऐसा होने को मन बेकरार है ।
तुम जो भी सज़ा दे दो,
अब तन, मन, धन, तैयार है ।
लंबी उम्र की ख्वाइश नहीं मुझे,
जो बीते सुंदर गुज़रे ।
यह रोज़-रोज़ हसद के झगडे,
अब मुझे नागवार है ।
में नहीं आलिम, में नहीं बे-ऐब,
भले मैं रांझा, रोमियो, ससी, मिर्जा या फरहाद,
पर तुझसे अमर प्रेम का इकरार है ।
फासले है, अंधेरा नहीं ।
रिश्ता ज़ख्मी है, ठहरा नहीं ।
फना हो जाऊं जिस दिन हो बेवफाई,
बाकी सब फानी है,
सिर्फ़ तू ही मेरा यार है ।
सिर्फ़ तू ही मेरा यार है ।

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