Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

तन्हाईयां बोलती हैं

मन के समुंदर की गहराईयां बोलती हैं ।
कोई नहीं बोलता जब तन्हाईयां बोलती हैं ।
हर जुर्म की सज़ा मिलती है यहां,
कोई नहीं बचता जब गवाहियां बोलती हैं ।
जिंदगी की धूप भी अजब है ।
अंधेरों में परछाइयां बोलती हैं ।
जब दर्द हद्द से गुज़र जाता है,
चीख़-चीख़ के रुसवाईयां बोलती हैं ।
कोई नहीं बोलता जब तन्हाईयां बोलती हैं ।

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