Site icon Dr. (Hon.) Agastya Kapoor की दुनिया

एक सैलाब

एक सैलाब आने को है |
उसका जवाब आने को है |

अपना घर ज़रा पक्का कर लूँ,
सावन बेहिसाब आने को है |

मेरे ही इश्क़ में क़यास नहीं था,
वह एक और नक़ाब भी दिखने का |

संभल जाने में ही भलाई है |
ख़ुदा एक सबक सिखाने को है |

मैं ही मैं हूँ वह अजब,
जिसे खुद अभी अज़ाब सुनाने को है |

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