फ़िरक़ा

समाज के लिए,
सवेग के लिए,
या अपने स्वार्थ के लिए,
या पुरुषार्थ के लिए,
फ़िरक़ा बनाया तुने |
क्या फ़िरक़ा बनाया तुने !
क्यों फ़िरक़ा बनाया तुने ?

बोत-हार्ड बनाया,
काफ़ी नाम कमाया |
कोई साज़िश के लिए,
या अपनी परिस्तिश के लिए,
फ़िरक़ा बनाया तुने |
क्या फ़िरक़ा बनाया तुने !
क्यों फ़िरक़ा बनाया तुने ?

तेरे से है हसद के लफड़े,
कॉस्मिक-भसड, जुगाड़-झगडे |
तु इंटरनेट का स्वामी,
बोल तेरे अस्त्र,
हैशटैग तेरा शास्त्र,
षड़यंत्र तेरा वस्त्र |
क्या गज़ब,
फ़िरक़ा बनाया तुने |
क्या फ़िरक़ा बनाया तुने !
क्यों फ़िरक़ा बनाया तुने ?

या ख़ुदा, हे भगवान !
घूमा तेरी मैजिक वांड,
नहीं तो यह फ़िरक़ा मार देगा,
तु जानता है क्या !
न होगा कुछ एसा,
कुछ लाइटइयर्स तक |
घनघोर, घमसान,
फ़िरक़ा बनाया तुने |
क्या फ़िरक़ा बनाया तुने !
क्यों फ़िरक़ा बनाया तुने ?

क्या खूब तसब फैलायी है ?
दिन में काली किरण निकल आयी है |
यार, सुन !
ध्यान से सुन !
हम ही है इस फ़िरक़ा की भीड़,
इसके फॉरवर्डइएर्स और लाइकर्स |
पूरी करते है जो इसकी नीड़ |
बड़ा अजब, मेरे यार अजब,
फ़िरक़ा बनाया तुने |
क्या फ़िरक़ा बनाया तुने !
क्यों फ़िरक़ा बनाया तुने ?

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s