सूफ़ी कलाम

मसर्रत भी है, अज़ीयत भी है |
कुछ शायराना मेरी तबियत भी है |

ज़िंदगी मेरी गोया फ़साना है कोई,
कुछ तसव्वुर, कुछ हकीक़त भी है | तस्सव्वूर

सिर्फ़ ज़रुरत नहीं फ़िलहाल ख़ुदा की,
रूह की तलाश की अव्वालिय्यत भी है |

मिलती तो रोज़ है मुझे, लेकिन,
कुछ रानाई भी, कुछ ग़ैरियात भी है |

दिल मेरा गोया मज्बह ही है शायद,
कुछ उनकी दुश्मनी, कुछ मवदत भी है |

एक सूफ़ी कलाम की कोशिश है अजब,
कुछ रब की रहमत, कुछ मिलकियत भी है |

2 thoughts on “सूफ़ी कलाम

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s