शायद

याद नहीं, स्कूल था या कॉलेज |
शायद, कोई एक, या दोनों,
शायद, ज़िंदगी ज़िंदा होना सीख रही थी |

शायद, पहला प्यार था,
शायद, पहला करार था,
शायद, धड़कन धड़कना सीख रही थी |

उसके नाम का पहला अक्षर याद है |
शायद, उसी से बिस्मिल्लाह करता था,
शायद, वही मेरी पूजा थी,
शायद, परस्तिश इबादत सीख रही थी |

हम दोनों की दूरी सूफ़ी थी |
शायद, बेहाल था,
शायद, कमाल था,
शायद, राह चलाना सीख रही थी |

याद नहीं, या सब याद है, शायद |
शायद, वह मरासिम कुछ अजब था,
शायद, कुछ गज़ब था,
शायद, यार यारी सीख रही थी |

पहला प्यार नशे की तरह निकला,
शायद, कभी ना छूटा,
शायद, था वह झूठा,
शायद, नशा हक़ीक़त बनना सीख रही थी |

शायद, पहली प्यास थी,
शायद, पहला एहसस था,
शायद, मैं उससे और वह मुझसे सीख रही थी |

4 thoughts on “शायद

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