मेरा सिर्फ मैं हूँ

चारों और खबर है |
कम हुआ इंसानी सब्र है |
लोग लड़ रहे है, मर रहे है |
हिंदु-मुस्लिम भीड़ रहे है |
बच्चे बिगड़ रहे है |
मुझे क्या ?
मेरा किसी से रिश्ता नहीं |
मेरा कोई नहीं |
मेरा सिर्फ मैं हूँ |

देश में आग लगी है |
शराफ़त भाग चली है |
लोग कहते है—देश के बारे में सोच |
मैं देश के बार में क्यूँ सोचूं ?
सिर्फ देश के बार में क्यूँ ?
सारी कायनात मेरा घर है |
पर क्यूँ ?
मुझे क्या ?
मेरा किसी से रिश्ता नहीं |
मेरा कोई नहीं |
मेरा सिर्फ मैं हूँ |

ना मैं आया, ना मैं जाऊँगा |
ना मैं बना, ना मैं मिटूंगा |
मैं तो पुरे भ्रमांड का हूँ |
मैं कुछ नहीं हूँ |
ना आग मुझे जला सकती है |
ना तलवार मुझे काट सकती है |
ना पानी मुझे भीगा सकता है |
ना हवा मुझे सुखा सकती है |
मैं अकेला |
मुझे क्या ?
मेरा किसी से रिश्ता नहीं |
मेरा कोई नहीं |
मेरा सिर्फ मैं हूँ |

6 thoughts on “मेरा सिर्फ मैं हूँ

Thank you very much!

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s