बस इतना ही ना ?

तो क्या हुआ ?
बस इतना ही ना ?
कोई नहीं होगा, हम-तुम अकेले जी लेंगे |
बस इतना ही ना ?

आँगन में फूल कहाँ है ?
घर पे आँगन कहाँ है ?
पर घर ही कहाँ है ?
घर के आभास से फ़िलहाल जी लेंगे |
बस इतना ही ना ?

अपने आप से मिल लेंगे |
अपने से ही बात करलेंगे |
हम ख़ुद ही इंतज़ार बन जायेंगे |
हूँ ख़ुद ही अपने दोस्त बन लेंगे |
बस इतना ही ना ?

मिट्टी के हम है |
मिट्टी में मिल जायेंगे |
सब को अकेले आना है |
सब को अकेले जाना है |
हम भी जी लेंगे |
बस इतना ही ना ?

तो क्या हुआ ? बस इतना ही ना ?

5 thoughts on “बस इतना ही ना ?

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