दया की शक्ति

दया की परिभाषा क्या है ? अधिकतर लोग ये कहते है दयालु होना यानि दूसरों के लिए कुछ अच्छा करना | कुछ ये भी कहते है के दयालु होना यानी खुद पर दया करना होता है | क्या दयालु होना मुश्किल है ?

जी नहीं | आसान है |

दया क्या है ?

मैत्री, सज्जनता, करुना और दूसरों के बारे में सोचने की क्षमता, ये सब दया की विशेषतायें है | दया का मूल स्रोत है सहानुभूति जू हम सिर्फ दूसरों के लिए, अपने लिए भी महसूस करते है |

दया सेहत पर भी असर करती है | एक अनुसंधान में ये पता चला है की दयालु लोग में चिंता और तनाव कम होता है | उन्हें अपने प्रति करुणा और जीवन में ख़ुशी, दूसरों अधिक महसूस होती है |

क्या ये अच्छी बात है ? 

एक अनुसंधान से ये पता चला है को जो अधिक दयालु होते है, उनकी मानसिक सेहत काफ़ी अच्छी होती है और ये लोग हमेशा आनंद में रहते है | दया हमारे रिश्तों में भी सकारात्मक परिवर्तन लाती है | दयालु लोग दूसरों से अधिक सफल होते है |

क्या ये संग्रामक है ? 

ये माना गया है के अच्छी और बुरी भावनाएं – दोनों – संग्रामक है | लोगों में एक दुसरे को देख कर सीखने की कला तो प्राचीन है | छोटे बच्चे जब अपने माँ-बाप तो दया करते हुए देखते है तो वो भी बड़े हो कर उन जैसे बन जाते है और ये उनकी रोज़ की आदत बन जाती है |

ये कोई नयी बात नहीं है के जैसे हम करते है, वैसा ही हम पाते है | प्राचीन काल ये बातें अलग-अलग ग्रंथों में लिखी गयी है | अब तो विज्ञान भी मानता है के दयालु लोग दूसरों से अधिक खुश रहते है और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाते है |

दया बोहोत दूर तक जाती है |

 

2 thoughts on “दया की शक्ति

  1. प्रक्रण के हिसाब से हर शब्द का अर्थ बदल सकता है जैसे परमात्मा ने किसी पापी को मृत्यु देकर उसपर दया की जिससे वो और अधिक पाप ना कर सके और ज्यादा दंड का भागी ना बने🙏

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