जादुई प्राणी

सुना है,
इस जग में भांति-भांति के प्राणी है |
पर मैंने एक जादुई प्राणी देखा है |
सच में !
मैंने एक जादुई प्राणी देखा है |

पांच साल में एक बार आता है |
फ़िर गायब हो जाता |
पांच साल के बाद,
फ़िर एक बार आता है |
मैंने एक जादुई प्राणी देखा है |

उसके अंग में कुछ नहीं,
आँख नहीं, हाथ नहीं, जीब नहीं,
दिमाग शायद हो,प अत नहीं,
दिल तो बिलकुल ही नहीं |
सारा शरीर सिर्फ एक जेब है |
कमाल है !
मैंने एक जादुई प्राणी देखा है |

सनातन ग्रंथों में भी इसका उलेख नहीं |
८४ लाख योनियों में ये नहीं |
ये अजब है, कुछ मेरे जैसा,
पर मैं जादुई नहीं, इसके जैसा |
ये सनातन से भी पौराणिक है |
ये अनंत से भी अनंत है |
बाबा रे !
मैंने एक जादुई प्राणी देखा है |

 

7 thoughts on “जादुई प्राणी

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