नहीं था

आज के दिन का इंतज़ार नहीं था |
मुझे भी तुमसे प्यार नहीं था |

नातरस ही सुनते थे तुम फरियाद मेरी,
तुम्हारे चेहरे पे अबसार नहीं था |

मुफ्त में ही तूने मुझे जुगनू बना दिया,
मेरी ज़िंदगी में इतना अफसार नहीं था |

अच्छी साज़िश करके तूने मुझपर बरसाया,
मुझ गरीब पे पास ही कोई दार नहीं था |

इसलिए, मैं मसीहा ही बन गया अजब,
क्यूंकि मेरे पास कोई दयार नहीं था |

2 thoughts on “नहीं था

Thank you very much!

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

w

Connecting to %s