अभी इंसान हो

दुखी हो ?
परेशान हो ?
पशेमान हो ?

डर लगता है ?
सर फटता है?
दम घुटता है ?

प्रेम रोग है ?
प्यारा भोग है ?
कठिन योग है ?

नींद नहीं आती ?
याद नहीं जाती ?
चिंता बोहोत सताती ?

बिमारी है ?
बुढ़ापा है ?
मृत्यु है ?
शत्रु है ?
कंगाली है ?
मूह पे गाली है?
फत्तेहाल है ?
दिल बेकरार है ?
नफरत है ?
उल्फत है ?
समय कम है ?
ये भी क्या कम है ?

दिल रोता है ?
कोई अपना खोता है ?
क्या एसा होता है?

तो,
मुबारक हो यार !
ज़िंदा हो |
अभी इंसान हो |

 

3 thoughts on “अभी इंसान हो

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