तुझे मिलने को चाहे ये मन

आज मौसम है सुहाना, आजा करके कोई बहाना | तुझे मिलने को चाहे ये मन, तुझे छूने को चाहे ये मन | आजा, यूँ ना दिल दुखाना, तेरा मर जायेगा दीवाना | तुझे मिलने को चाहे ये मन, तुझे छूने को चाहे ये मन | सुन ये सदा फ़िज़ाओं की, खिला दे मेरी ये ज़िंदगी … Continue reading तुझे मिलने को चाहे ये मन

The Psychology Of First Impression

This blog post in not my original idea. It was first suggested to me by my friend Shalini Menon who is a multi-talented woman, a mother, an actor and an entrepreneur. I might soon write a blog post on her—she's too good! We were talking about first impressions and got a carried away in a lot … Continue reading The Psychology Of First Impression

I Am A Father Of Many Digital Babies!

Why do you blog? This is a favorite question people ask me across the globe. Why don't you have children? This is another favorite question people ask me across the globe; especially from India—my homeland. Well, I don't have any straight or complete answers to these questions but I can try to give you all … Continue reading I Am A Father Of Many Digital Babies!

तुम ही मिलते तो अच्छा था

जहाँ फुल खिलते है, वहीँ खिलते तो अच्छा था | तुम से ही प्यार किया था, तुम ही मिलते तो अच्छा था | तुम ही हमसफ़र बन कर, साथ चलते तो अच्छा था | तुम से ही प्यार किया था, तुम ही मिलते तो अच्छा था | ज़ख्म जो तेरे प्यार के, जल्दी ही सिलते … Continue reading तुम ही मिलते तो अच्छा था

Let’s Hold Their Hands As They Did For Us Once

Little random acts of kindness can go far. These little acts look little but their ripples are really big. I was in this queue at the less-than-10-items counter and there were few senior citizens behind me. As soon as I saw them, I requested them to go ahead. They were joyful but shocked! One elderly … Continue reading Let’s Hold Their Hands As They Did For Us Once

The Inspiring Story Of A Multi-Talented Marathon Queen

There are a lot of marathons—suddenly—happening in India since few years. Everyone is running; minus me. I kind of like walking more but that’s a topic for another blog post that is coming soon.  I have always been curious to learn more about this sport and after a little research, I found this information. The … Continue reading The Inspiring Story Of A Multi-Talented Marathon Queen

तुझसे पहले भी

मैंने देखें है कईं ज़माने रंगों के, मैंने हर साल कईं होली खेली थी | तू नहीं मेरे जीवन में पहली, तुझसे पहले भी एक पहेली थी | हर शाम शमा बुझती थी, हर शाम पिघलता था लोहा मेरा | हर शाम बदन की खुशबू आती, हर शाम बिस्तर पे सजता सेहरा मेरा | मैं … Continue reading तुझसे पहले भी

God Is Not In A Pill

College life was fun—friends, ocean, lust, fun, music, and a lot of intoxicants. And all this was bound by a common thread of a deep thirst of exploration. Back in the 1990s, drugs were sprawling in Mumbai. Psychedelic drugs were a rage. Although, it was only a privilege for the rich because of the high … Continue reading God Is Not In A Pill

तुझसे मिलने की आरज़ू

तुझसे मिलने की आरज़ू तो बोहोत थी, लेकिन, तेरे दरवाजे तक आये हम औए रुक गए | सीना चौड़ा था तेरे इश्क़ में, लेकिन, मार गुरूर की ऐसी पड़ी के झुक गए | वो सामने बैठा है, मेरा नहीं, लेकिन, क़यामत ऐसी के टूट सब ताल्लुक गए | काम ना आयी सब सीखी तीरंदाज़ी अजब, क़ातिल … Continue reading तुझसे मिलने की आरज़ू

तुझे देखा

कईं बार मैंने तुझे देखा, सोहने यार मैंने तुझे देखा | पर्बत की ऊचाइयों में, समुंदर की गहराईयों में तुझे देखा | जाम-ए-फना-ए-बेखुदी पीकर, पैमाने में तुझे देखा | इसतराब-ए-इंतज़ार में, मैंने हवाओं में तुझे देखा | फूलों की खुशबू में, माहताब की चांदिनी में तुझे देखा | धड़कन और साँसों में देखा, पंछी बन … Continue reading तुझे देखा

तुही मेरा प्यार

यार, यार, यार, तुही मेरा यार | तुही मेरी ज़िंदगी, तुही मेरा प्यार | तेरी नज़रों में क़ैद रहुँ, यही मेरी आरज़ू, तुही मेरी ज़िंदगी, तुही मेरा प्यार | मेरी साँसों में है तेरी खुशबू , तुही मेरे जीवन का सार | हाथ ना छूटे, साथ न छूटे, तुही मेरी ज़िंदगी, तुही मेरा प्यार | … Continue reading तुही मेरा प्यार

तो क्या होता ?

कागज़ के पंख लगा कर, मेरा प्यार वाला पंछी गिरता नहीं तो क्या होता ? तेरी मोहब्बत को बना कर ख़ुदा, लगाया सीने से मैंने खंजर नहीं चुभता तो क्या होता ? हथेली पर लगी मेहँदी, इंसान के जैसे ही फना हो गयी नीली नहीं पड़ती तो क्या होता ? अच्छा होता, सह लेता उनकी … Continue reading तो क्या होता ?

तेरा कुछ

तेरा कुछ जायेगा नहीं, मेरा कुछ रहेगा नहीं | ऐसा क्यों सोचते हो की ज़माना कुछ कहेगा नहीं | आखिर सामने आ ही जायेगा वो कतरा बनकर, पानी ही सही, बह ही जाएगा, कुछ सहेगा नहीं | छलक ही जाएगा घड़ा गर ज़्यादा भरोगे, ऐसा तो होता ही नहीं के कुछ बहेगा नहीं | बात … Continue reading तेरा कुछ

तवायफ़

मैं हुँ तवायफ़, तवायफ़ मेरा नाम | दुनिया में हुँ इसी नाम से बदनाम | यहाँ की सीढ़ियाँ किसी घर में नहीं उतरती, ये बाजार और ये कोठा है मेरा इनाम | ये मर्द-ए-बाजार की मिलकियत है मुजरा , बिस्तर का सफर ग़ज़ल और कथक से गुज़रा | मेरे आँगन की मिटटी से बनती देवी … Continue reading तवायफ़

तलाश

सुख की चादर ओढ़े जहाँ ज़िंदगी मुस्कुराये | अरमानों का खून ना हो, हर सपना साकार हो जाए | जहाँ अमन और प्रेम से भरा हो आकाश | एक ऐसे ही जहान की मुझे है तलाश | हम तो जहाँ गए मिली पत्थर की मूरत | देखा तो पाया इंसान में हैवान की सूरत | … Continue reading तलाश

सोचो

सोचो अगर बर्फ काली होती, गंगा खाली होती | कितना मज़ा आता अगर, अमीरी कमज़ोर और गरीबी शक्तिशाली होती | सोचो अगर दिल की जेब खाली होती, ना होठों पर गाली होती | कितना मज़ा आता अगर, पृथ्वी मेरी बीवी और चाँद मेरी साली होती | सोचो अगर पूरी थाली होती, खाने को रोटी रुमाली … Continue reading सोचो

शहर में आपके

सुना है बहुत वफ़ा है शहर में आपके | ऐसा भी क्या जादू है शहर में आपके ? मैंने तो आज़मा ली अपनी किस्मत वहाँ भी, पर संग दिल सनम है शहर में आपके | सुना है वहाँ चांदी के कमल खिलते है | पर वहाँ सादगी भरे चेहरे कम मिलते है | सुना है … Continue reading शहर में आपके

शहर है या चकला ?

जिसको देखो चला आये | ये शहर है या चकला ? खाये-पीये बत्ती बुझाए | ये शहर है या चकला ? जो चाहे वैसे खाये | ये शहर है या चकला ? इसको एक बिस्तर बनाये | ये शहर है या चकला ?    

Death Can Be Beautiful

Although the thought in this blog post belongs to me, the title was given by my dearest school friend Minu.  Some are really fortunate. They're born and don't get old. Death takes them into its arms, hugs them tight before getting old. My sister-in-law was terminally ill and was brought back home last night. Doctors … Continue reading Death Can Be Beautiful

शराबी-शराबी

मुझे शराबी-शराबी मत कहो | आदमी मजबूरी में पीता है | चाहे कितनी भी अग्निपरीक्षा दे दे, दुनिया की नज़र में तो बुरी सीता है | एक ही इंसान हरिउल्लाह मिला था, कलयुग में बेचारा बेताब ही जीता है | तू भी ज्ञानी, मैं भी ज्ञानी, क्या फर्क ? किसी की क़ुरान और मेरी किताब … Continue reading शराबी-शराबी

She And Her Friends Saved My Life In Assam

I recently visited the beautiful city of Guwahati for a project and to do heart-to-heart communication with our sisters and brothers from the north-east part of India. We, from this part of the country, are quite ignorant and seldom connect with people from faraway places; in India. We have friends from across the globe but rarely … Continue reading She And Her Friends Saved My Life In Assam

She’s Making Young Girls Believe In Themselves

I recently visited the beautiful city of Shillong for a project and to do heart-to-heart communication with our sisters and brothers from the north-east part of India. We, from this part of the country, are quite ignorant and seldom connect with people from faraway places; in India. We have friends from across the globe but rarely from … Continue reading She’s Making Young Girls Believe In Themselves

सलाम मुंबई

सर झुकेगा नही, लहू से नहाकर आएंगे | लोहे की दीवार तोड़ कर, मंज़िल तक पहुँच जायेंगे | इंसानियत है तलवार हमारी, कभी ना हम घबराएंगे | ए ख़ुदा, तेरे घर में अपना नाम-ए-शहर रोशन कर आएंगे | सलाम मुंबई !  

रोज़ उनसे मुलाक़ात

रोज़ उनसे मुलाक़ात होती है | कैसे हो अजब—बस यही बात होती है | तर्क-ए-तालुकात ही है लेकिन, ना उनकी, ना हमारी रात सोती है | जहाँ हज़ार दिलों की लाश गिरी हो | वहीँ मोहब्बत की शिनात होती है | मेरा घर मिटटी का है इसलिए, मेरे ही यहाँ बरसात होती है | सबसे … Continue reading रोज़ उनसे मुलाक़ात

रंज की महक

रंज की महक बहुत नबील होती है | ये बहुत कम लोगों को नसीब होती है | क्या मज़ा जीने में बिना दर्द के ? दर्द की परछाई बड़ी अज़ीम होती है | आज इस महफ़िल में फूल नहीं तो क्या, कांटे ही सही ! क्योंकि फूल तो मुरझा जायेंगे पर कांटे नहीं | काँटों … Continue reading रंज की महक

क़ातिल

हाय ! क़ातिल | अदाएं क़ातिल | जी रहे है हम तो, ना जाने ये हम तो, कब फ़ना हो जाएँ | सदायें क़ातिल | अदाएं क़ातिल | आजा ओढ़ ले, जिस्म में दौड़ ले, किसी को नज़र ना आयें | हवाएं क़ातिल | अदाएं क़ातिल |  

प्यार हो जाएगा

खेलो ना दिल से मेरे, शीशा है टूट जाएगा | इतने प्यार से ना देखो मुझे, प्यार हो जाएगा | चलते-चलते राह में वो मिल गया, अच्छा लगा | रुख़्सार पे उसकी परेशानी थी पर सच्चा लगा | उसने मुझे जाना, मैंने उसे, हाँ, शायद वही थी सोचा था जिसे | फिर किस्मत ने वफ़ा … Continue reading प्यार हो जाएगा

पत्ता-पत्ता हिल गया

पत्ता-पत्ता हिल गया | दिल हमारा खिल गया | सजदा-ए-यार में, पैर मेरा छिल गया | फिर उंस की बरसात हुई, बेवफा अपना दिल गया | कोई ऊम्फ सी आज है, लगता है वो मिल गया | उसने यूँ छुआ मुझे, हर ज़ख्म सील गया | जाने क्या क़यामत हुई, वो पत्थर हिल गया | … Continue reading पत्ता-पत्ता हिल गया

नज़र दूर तक जाती है

नज़र दूर तक जाती है, फिर भी लगता है के कुछ बाकी है | सैर-ए-गुलशन तो किये बहुत, अभी सारी कायनात बाकी है | मैं कुछ भूला नहीं, दिल पे उल्फत का निशान अभी बाकी है | अभी तो सिर्फ तूफ़ान आया है दोस्त, क़यामत तो अभी बाकी है | एक सितम और सही, अभी … Continue reading नज़र दूर तक जाती है

नहीं था

आज के दिन का इंतज़ार नहीं था | मुझे भी तुमसे प्यार नहीं था | नातरस ही सुनते थे तुम फरियाद मेरी, तुम्हारे चेहरे पे अबसार नहीं था | मुफ्त में ही तूने मुझे जुगनू बना दिया, मेरी ज़िंदगी में इतना अफसार नहीं था | अच्छी साज़िश करके तूने मुझपर बरसाया, मुझ गरीब पे पास … Continue reading नहीं था

नहीं कर सकते

हम जानते है पर हम वो काम नहीं कर सकते | अब ये हाथ किसी और के लिए नहीं बड़ सकते | हमे खबर है के एक साथ या सहारा चाहिए, पर ये होंठ अब फिर से वही बात नहीं कर सकते | उनकी यादों की सौगात है हमारे पास, पर उन्हें हम जला नहीं … Continue reading नहीं कर सकते

नहीं देखा

कभी कोई नयी ख़ुशी को नहीं देखा | तेरे बाद फिर किसी और को नहीं देखा | सब ही मसरूफ थे अपने भ्रम में, अश्क़-ए-साद को किसी ने नहीं देखा | हर आँखें देख रही थी आतिशबाज़ी, मेरी नज़र की ओर किसी ने नहीं देखा | सिर्फ मशहूर हुए राँझा और महिवाल, मेरी जुर्रत को … Continue reading नहीं देखा

मुअम्मा

मैं भी मुअम्मा, तू भी मुअम्मा | जान भी मुअम्मा, रूह भी मुअम्मा | क्या नाज़ करूँ हाल-ए-ज़ीस्त का ? हकीकत भी मुअम्मा, आरज़ू भी मुअम्मा | रात भी मुअम्मा, बात भी मुअम्मा | ख़ुदा भी मुअम्मा, कायनात भी मुअम्मा | इस जगह का हिसाब कितना अजब है | सब लोग मुअम्मा, हर तरफ मुअम्मा … Continue reading मुअम्मा

मुझे प्रश्न करे

मुझे प्रश्न करे नील ध्रुव तारा, और कितने दिन रहूँगा मैं बेसहारा | जवाब कोई भी ना दे सका मैं सिर्फ, राह ढूंढते बीत गया ये जीवन सारा | ना जाने किसने ये प्रीत की लौ जलायी, देख के सूरज की रोशिनी भी शरमाई | अपने ही साये के पीछे घूमता रहा, एक दिन देखा … Continue reading मुझे प्रश्न करे

मुझे नफरत है

मुझे नफरत है, तेरे होठों के जलते सवालों से | मुझे नफरत है, तेरे छूट जाने के ख्यालों से | मुझे नफरत है, तेरी आधी-अधूरी मुलक़ातों से | मुझे नफरत है, तेरी सुलगती हुई बातों से | मुझे नफरत है, तेरे ये शक की आदतों से | मुझे नफरत है, तेरी ये अंधी इबादतों से … Continue reading मुझे नफरत है

चुरा लाया हूँ मैं

मेरे यादों के झरोखे से, एक पल चुरा लाया हूँ मैं | इसको रखूँगा संभालकर, जो कल चुरा लाया हूँ मैं | बड़े जतन से पेड़ पे चढ़कर, दो-चार आम तोड़ लिए है | खाते है मिलकर यार, चल, चुरा लाया हूँ मैं | आजकल काफ़ी वीराना है ? शायद माया जाल का ज़माना है … Continue reading चुरा लाया हूँ मैं

In Our Teens, We Screwed The Spirit Of Holi

Holi is a Hindu spring festival celebrated in the Indian subcontinent, also known as the festival of colors. The festival signifies the victory of good over evil, the arrival of spring, end of winter, and for many a festive day to meet others, play and laugh, forget and forgive, and repair broken relationships. All of … Continue reading In Our Teens, We Screwed The Spirit Of Holi

अभी इंसान हो

दुखी हो ? परेशान हो ? पशेमान हो ? डर लगता है ? सर फटता है? दम घुटता है ? प्रेम रोग है ? प्यारा भोग है ? कठिन योग है ? नींद नहीं आती ? याद नहीं जाती ? चिंता बोहोत सताती ? बिमारी है ? बुढ़ापा है ? मृत्यु है ? शत्रु है … Continue reading अभी इंसान हो

मुझे माफ़ करना माँ

तूने लाख समझाया पर मैं गांधीवादी बन गया | मुझे माफ़ करना माँ, मैं आतंकवादी बन गया | मुझे लोग कहते है दुश्मनी का दुश्मन, अधर्म ज़माने में, मैं धर्मवादी बन गया | मुझे माफ़ करना माँ, मैं आतंकवादी बन गया | नफरत है लोगों को मेरे पाक इरादों से, इस भ्रष्ट समाज में समाजवादी … Continue reading मुझे माफ़ करना माँ