कोई है कहीं

कहीं ज़मीन, आसमान कहीं |
कोई है कहीं, कोई है कहीं |

अँधेरे को सूरज नहीं दरकार,
एक मचलती हुई लौ ही सही |
कोई है कहीं, कोई है कहीं |

तू ज़िंदा है तो ये कर अजब,
उतार ला स्वर्ग को यहीं |
कोई है कहीं, कोई है कहीं |

हर दिल बदल सकता है दिल,
बना सकता है दुनिया हसीं |
कोई है कहीं, कोई है कहीं |

5 thoughts on “कोई है कहीं

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