कितने कमाल के है वो साहिर

बेवफाई करने में है वो माहिर, कितने कमाल के है वो साहिर | हमारा सब पूछ लेते है हाल, निकाल लेते है बाल की भी खाल | अपनी दास्ताँ नहीं करते पर ज़ाहिर, कितने कमाल के है वो साहिर | आ'उस की तरह देखते है आब, रक़्स फरमाते है लाजवाब | रक्स -ए- बिस्मिल उनका … Continue reading कितने कमाल के है वो साहिर

ख़ुदा-ख़ुदा क्या करते हो

ख़ुदा-ख़ुदा क्या करते हो ? ख़ुदाखाने में आओ तो सही | ये तो इबादत का एक तरीका है, तुम मैखाने आओ तो सही | हम बहा देंगे दरिया तुम्हारे लिए, तुम भी वो ज़माने लाओ तो सही | ये भी खुदा की ही ईजाद है, तुम भी ये निवाला खाओ तो सही | तुम्हारी भी … Continue reading ख़ुदा-ख़ुदा क्या करते हो

I Invite You To Like My Facebook Page

You all have given me unprecedented support in following my blog but I am getting a little greedy and requesting you to like my Facebook page as well. Your ONE like will be valuable for me. Plus, I promise more interesting content and updates on the page. You can see the link of my page on … Continue reading I Invite You To Like My Facebook Page

कौन ?

लड़ के ग़म से जीत सकता है कौन ? बिना नशे के जी सकता है कौन ? आज तो बिन पीये ही मदहोश हो गया, यादों को इस दिल से छीन सकता है कौन ? कौन है जो मुझे अपना बनाये ? फिर से ज़िंदा कर सकता है कौन ? निकाल के ज़हर को इस … Continue reading कौन ?

India’s New Superhero With Mental Superpowers!

I met Mohit Rao some years back regarding a project which never turned into a reality. But something else happened. I came to know a peculiar human and I never knew such a human existed in India. I had read about various peculiar people from different countries but met someone who uses the power of … Continue reading India’s New Superhero With Mental Superpowers!

कल रात मेरी मौत हो गयी

कल रात मेरी मौत हो गयी, ज़िंदगी ने झुकाया सर मेरा | ऐसा तो सिर्फ मेरे ही साथ हुआ, बारिश ने जलाया घर मेरा | उसी ने दिए ज़ख्म पे ज़ख्म, बना फिरता था जो चारागर मेरा | मैं पाना चाहता था खोने को, कुछ ना हो सका मगर मेरा | अजब, खुदा से मुलाक़ात … Continue reading कल रात मेरी मौत हो गयी

I Invite You To Visit My Incredible India!

India, country that occupies the greater part of South Asia. With roughly one-sixth of the world’s total population, India is the second most-populous country, after China. India is the masthead of the world. We believe in the philosophy of a global village—the world  is one family. India travel tourism has grown rapidly with a great influx … Continue reading I Invite You To Visit My Incredible India!

कहाँ से कहाँ तक

कहाँ से कहाँ तक आ गए हम, साहिल से तूफ़ान तक आ गए हम | ज़िंदगी का साथ तो निभाया बहुत, पर चाहत से नफरत तक आ गए हम | जिसे दिया था साज़ दिल का, वो क्यों बैठा है अपने होंठ कर बंद ? जाने वो क्या कमी थी गीतों में, महफ़िल से वीराने … Continue reading कहाँ से कहाँ तक

कोई

मोहब्बत भरी दास्ताँ सुना रहा है कोई | ज़िंदगी को कब्रिस्तान दिखा रहा है कोई | छिल गए है कदम सजदा-ए-यार में, इस नास्तिक को देवस्थान दिखा रहा है कोई | बीत गयी सारी उम्र क़त्ल करते-करते, ज़माने बाद पाक-ए-स्तान दिखा रहा है कोई | भूल गए है रास्ता वतन की तिजारत में अजब, आखरी … Continue reading कोई

किसी हथेली की मैल

किसी दिल की धड़कन बनकर चूर हुआ, किसी हथेली की मैल बनकर दुर हुआ | वक़्त से पहले ही मेरी जवानी पहुँच गयी, मेरे आने से पहले मेरी कहानी पहुँच गयी | किसी ज़रुरत की कीमत बनकर मजबूर हुआ, किसी हथेली की मैल बनकर दुर हुआ | ज़िंदगी इतनी वीरान हो गयी कर्म से, कांधो … Continue reading किसी हथेली की मैल

कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम ?

कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम ? आँखों से प्यार छलक गया, घिर आये सौ ग़म | वो अजब जो सिखाता था दूसरों को जीना, आज खुद ही ज़िंदगी की राह में हो गया है गुम | अगर यही जीना है, तो ज़िंदगी की शमा जलाये रखेंगे | उन्हें खो कर भी, उन्हें … Continue reading कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम ?

Is Google Better Than Guru?

It's a question that always haunts me. I am fortunate to have born in this era where I have sources of information, knowledge and wisdom. I have Guru and I have Google. Google is unmatched source of information and knowledge; no doubt about it. One can find answers to almost all the questions in the … Continue reading Is Google Better Than Guru?

The Veteran Healer In God’s Own Country

In 2001, I was on a short sabbatical and traveling to New Delhi from Mumbai; in the train. Our Indian trains are really one of the wonders of the world. If you don’t believe me, get on it once. Nothing bad, it’s just really a joyful roller-coaster ride. I was traveling in class II sleeper coach where … Continue reading The Veteran Healer In God’s Own Country

This Is What I Like The Most

I am not interested in small talk. I want to talk about atoms, death, aliens, sex, magic, intellect, pain, the meaning of life, happiness, why are we here, where are we going, faraway galaxies, technology, the lies you have told, your deep secrets, my failures, love affairs, childhood, stories, your hopes and dreams, insecurities, fear, … Continue reading This Is What I Like The Most

HBD Buddha! But When Were You Really Born?

Why are you playing such loud music? We're celebrating our festival? Nice. Please tell me about it. It's our God's birthday. Who is your God? Buddha. But Buddha doesn't believe or preach in a personal God, as per my little knowledge? What? What do you mean by that? Forget it. But what are you celebrating? … Continue reading HBD Buddha! But When Were You Really Born?

कब रोका था

बारिशों ने, तूफानों ने, कब रोका था | मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था | कारवां मोहब्बत का राह में छूट गया, मुझे कोई मेरा अपना ही लूट गया | आहों ने, बाहों ने, कब रोका था | मैंने आपको मुझे बुलाने से कब रोका था | एक बेगुनाह मुजरिम की तरह करता … Continue reading कब रोका था

काश

काश मैं जूती होती, तो आपके पैरों में होती | काश मैं धड़कन होती, तो आपके सीने में होती | काश मैं लिपस्टिक होती, तो आपके होठों पे सजता | काश मैं घुंघरू होता, तो आपके पैरों में बजता | काश मैं साड़ी होता, तो आपसे लिपट जाता | काश मैं तकिया होता, तो आपके … Continue reading काश

Believe Me, Problems Are Opportunities!

Yesterday, while cooking dinner, I suddenly realized that I am somewhat ambidextrous i.e. I can work with two hands on two tasks simultaneously. It's not something unusual as such but that reminded me a good lesson I have learned—problems are opportunities. In 2006-7, I broke my right-hand elbow and my hand was in plaster for … Continue reading Believe Me, Problems Are Opportunities!

झूठा ख़ुदा

झूठा ख़ुदा बने रहने में बुरा क्या है ? ख़ुदा से जुदा बने रहने में बुरा क्या है ? सारी दुनिया सजदे कर रही झूठी-मूठी, थोड़ा बेहुदा बने रहने में बुरा क्या है ? मिल रहे है हर एक को रोज़-रोज़ जलवे अजब, थोड़ा गुमशुदा बने रहने में बुरा क्या है ? वैसे भी लोग ढूंढ … Continue reading झूठा ख़ुदा

The Boss Who Never Was

Hey, don't call me sir, my name is Arish. You can call me that. These are the first words I heard from this man on my first day of job in the animation studio I worked for 10 years. Man, those were the days. Past glory but it was for real. I was damn excited because it was a Hollywood … Continue reading The Boss Who Never Was

वो कौन थे ?

मेरठ से आई रेलगाडी पांच घंटे लेट थी | दिमाग और मौसम वैसे ही ख़राब था उस पर कोयल की फूटी किस्मत – मुंबई बंद | यहाँ नयी जॉब से दिल में ठंडक आई थी और पता नहीं क्या हुआ, पुरा शहर जल रहा था | जैसे शमशान में मुर्दे जलते है ना, एकदम वैसे … Continue reading वो कौन थे ?

जे रब्बा इश्क़ ना होए

क्या मज़ा जीने में ओये ? जे रब्बा इश्क़ ना होए | कौन तैरे, कौन डुबोये ? जे रब्बा इश्क़ ना होए | ना कोई जागे सारी रात, ना कोई दिन को सोये | जे रब्बा इश्क़ ना होए | कैसे दिल में आग लगे ? कैसे मीठे तीर चुभोए ? जे रब्बा इश्क़ ना … Continue reading जे रब्बा इश्क़ ना होए

The Only Friend I Asked For An Autograph

It was the fist day of junior college in 1995. The college was a beautiful one near the Arabian Sea in Mumbai. I was quite anxious as college life was completely a new universe for me. I came from a low-income family from far suburb and the college was filled with children from the elite … Continue reading The Only Friend I Asked For An Autograph

जन्मदिन मुबारक हो

जन्मदिन मुबारक हो मेरे मीत | तुमने दिल सबका लिया जीत | तु ही मन में, तु ही तन में, तु ही प्यार, तु ही प्रीत | तुझसे है सब रंग जहान के, तु ही संसार की मीठी रीत | सिर्फ एक मैं ही नहीं अजब, तेरी अदा भी जग से विपरीत |  

ये उस वक़्त की बात है

ये उस वक़्त की बात है जब इश्क सच्चा हुआ करता था | ये उस वक़्त की बात है जब इश्क हुआ करता था | उसको देखते ही मौसम रंगीन, और सेक्शन गरम हो जाता था | उस से बस एक गुफ्तगू की, बस एक गुफ्तगू की दुआ करता था | आज फेसबुक पे अनफ्रेंड … Continue reading ये उस वक़्त की बात है

ज़िंदगी चल रही है

दिल खुश है, कोई कमी नहीं खल रही है | सब थोड़ा है, मगर ज़िंदगी चल रही है | दोस्त ने बड़ी गाडी ली है, वाह ! महेंगी है, दिखती भी है, तेज़ भी है | मेरी गाड़ी छोटी है या कभी तो होती भी नहीं, पर पार्टी में हम दोनों एक ही टाइम पे … Continue reading ज़िंदगी चल रही है

जल पड़ी मेरी दिल की मशाल

उस ने लौ जला दी हमदर्दी की, छू कर रूह को कर दिया कमाल | उस ने जो पहनाई शॉल ठण्ड में, जल पड़ी मेरी दिल की मशाल | हाथ भागने लगे, पैर ने दुआ मांगी, ऐसा भी होता है, होता है हाल | जल पड़ी मेरी दिल की मशाल | मैं शुन्य, मेरा शुन्य, … Continue reading जल पड़ी मेरी दिल की मशाल

जब मेरे हाथ खली थे

कुछ सपने हक़ीक़त, कुछ जाली थे | मैं तब बर्बाद हुआ जब मेरे हाथ खली थे | एक साफ़ दिल लेकर कितने पाप हो गए, कितने नाज़ुक फूल, कितने क़ातिल माली थे | एक-एक करके वो हर लकीर ले गया | शायद, सारे मेरे अरमान खयाली थे | सारी अला तो वही ले गया अजब, … Continue reading जब मेरे हाथ खली थे

जब मेरी बारी थी

जब उनसे पुछा तो जवाब ही जवाब थे | जब मेरी बारी थी, सब लाजवाब थे | उनकी बात हुई तो सारी कायनात खुल गयी, जब मेरी बारी थी, तो सिर्फ हिजाब थे | उन्होंने कहा तो सारे रंग खिल गए, जब मेरी बारी थी, सिर्फ नक़ाब थे | उनकी नज़्म को मिली सारी वाह-वाह, … Continue reading जब मेरी बारी थी

Mumbai On Fire

Friends, don’t worry. There’s stressful peace in the Mumbai city. Everything is fine. I am alive. Everything is fine. Only few people were dead, few got hurt, some public property was burnt, business is on a halt, transportation is closed. Everything is fine. Today, my city will be closed but the red-light area won’t be … Continue reading Mumbai On Fire

मुंबई बंद

यारों, चिंता ना करो | मुंबई में तनावपूर्ण शांति है | हाल-चाल ठीक-ठाक है, सब कुछ ठीक-ठाक है | मैं जिंदा हूँ और टाइगर भी | हाल-चाल ठीक-ठाक है, सब कुछ ठीक-ठाक है | कुछ माल जला, कुछ लोग मारें, कुछ परेशान हुए, धंदा ठप्प है - बाकी सब ठीक-ठाक है | हाल-चाल ठीक-ठाक है, … Continue reading मुंबई बंद

जब भी ये दिल उदास होता है

जब भी ये दिल उदास होता है, कोई आस-पास नहीं होता है | ज़माने में अक्सर दर्द देता वही है, जो अपना बहुत ख़ास होता है | इंसान से बेहतर तक़दीर पत्थर की है | उसे क्या पता ग़म क्या होता है ? कोई जीते जी फना कर देता है, कोई छोड़ देता है हाथ … Continue reading जब भी ये दिल उदास होता है

कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम

कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम | आँखों से प्यार छलक गया, घिर आये सौ ग़म | वो अजब जो सिखाता था दूसरों को जीना, आज खुद ही ज़िंदगी की राह में हो गया है गुम | अगर यही जीना है तो ज़िंदगी की शमा जलाये रखेंगे | उन्हें खो कर भी उन्हें … Continue reading कहाँ जा रहे थे, कहाँ आ गए हम

काला सूरज

लहू के नाम अलग-अलग अनेक है, पर हम दोनों के लहू का रंग एक है | अमीरों के लिए है अय्याशी और राशन | गरीबों के लिए सिर्फ उम्मीदें और आश्वासन | क़तार में से चुप-चाप धीरज निकल आया | सुबह होते ही एक काला सूरज निकल आया | यहाँ सत्ता, सट्टेबाज़ों की रेत की … Continue reading काला सूरज

जब आप से मिला

ख़ामोश आँखों से सब सूना दिखता था, जब आप से मिला, अंजुमन में आ गया | नाम हज़ारों की भीड़ में नुख्ता था, जब आप से मिला, अंजुमन में आ गया | हर कदम पे चलता था, रुकता था, जब आप से मिला, अंजुमन में आ गया | पहले बाज़ारों में नहीं बिकता था, जब … Continue reading जब आप से मिला